Tuesday, August 4, 2020

Gaurishankar Chaubey- अंतरात्मा से जुड़ाव जीवन का यथार्थ है..

अंतरात्मा से जुड़ाव जीवन का यथार्थ है..

आध्या









त्मिक स्तर

हम चाहे बाहरी दुनिया में कितने ही लोगों से जुड़ लें लेकिन एक आप इस सत्य को नहीं नकार सकते कि आपका वास्तविक और बेहद मजबूत आपकी अंतरात्मा से ही बनता है। हैरानी की बात तो ये है कि इस सत्य को अधिकांश लोग समझ ही नहीं पाते और अपने जीवन की दिशा तय करने के लिए वे बाहरी लोगों का सहारा लेते हैं। परंतु जब आप आध्यात्मिक रूप से मजबूत होने लगते हैं तो आपको आपकी अंतरात्मा से कुछ ऐसे संकेत मिलने लगते हैं जिन्हें समझना बेहद आवश्यक है। हमें अपना आध्यात्मिक स्तर समझ नहीं आता, इसी के परिणामस्वरूप कई बार आपको ये भी नहीं पता चलता कि आपकी अंतरात्मा आपसे कुछ कहना चाहती है।

 

अंतरात्मा

आगे आने वाली स्लाइड्स में कुछ ऐसे संकेतों की बात बताई जा रही है जो अगर आपको मिलने लगे हैं तो इसका अर्थ यह है कि आपकी सोल, आपकी अंतरात्मा आपसे संपर्क करने का प्रयत्न कर रही है।


आप सपनों में हकीकत देखने लगते हैं

जब आपका वचेतन मन आपसे संपर्क करने का रास्ता खोजता है तो उसका जरिया आपके सपने ही होते हैं। हमारी आत्मा सपनों की दुनिया में हमसे संपर्क करती है, हमें उन्हें नजरअंदाज ना करते हुए उनका अर्थ ढूढ़ने की कोशिश करनी चाहिए। हो सकता है कोई ऐसा संदेश हो जिसे समझना हमारे लिए बहुत जरूरी है।

 

एक ही अंक का बार-बार दिखना

एक ही चीज बार-बार दिखना.... यह इस बात का इशारा है कि ब्रह्मांड की शक्तियां आपसे संपर्क करना चाहती हैं। लेकिन कई बार ये संकेत हमारी अंतरात्मा ही हमें दे रही होती है। अपको उन नंबरों या घटनाओं में सामंजस्य ढूंढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।


चीजें आपको पहले ही पता चल जाती हैं

हमारा अवचेतन मन हमें हमेशा सचेत और जागरुक रखने की कोशिश करता है। इसके लिए वह समय-समय पर हमें जानकारियां भी देता रहता है। जब आप किसी समस्या में खो चुके हों और अचानक आपको उस समस्या से बाहर निकलने का रास्ता मिल जाए तो यह इसी बात को दर्शाता है कि आपकी अंतरात्मा आपकी मदद कर रही है।

 

अपने मस्तिष्क में आवाजों को सुनना

आपके मस्तिष्क में उठने वाली आवाजें आपका अपना ही अंतर्मन होता है, वह कहीं बाहर से नहीं आती। जब आप किसी परेशानी में हों और आपकी आपको कोई आवाज बाहर निकलने का रास्ता सुझाए तो आपको उसकी बात सुन लेनी चाहिए।

 


Friday, July 31, 2020

Gaurishankar Chaubey




अपने बुजुर्गो की सेवा करे

अपने बुजुर्गों की सेवा करें,दोस्तों मैंने देखा है कि लोग अपने बुजुर्गों को छोड़ देते हैं उनकी सेवा नहीं करते हैं,यह बिल्कुल ही गलत है मैं आपसे कहना चाहूंगा कि अगर आप जीवन में सफल होना चाहते हैं और आप चाहते हैं कि मरने के बाद भी लोग आपको याद करें,आप अपने साथ इस दुनिया से कुछ ले जाएं तो आपको अपने बुजुर्गों की सेवा करना बहुत जरूरी है.

अगर आप भगवान को पूजते हो लेकिन अपने बुजुर्गों की बिल्कुल भी नहीं मानते हो और उनकी सेवा नहीं करते हो और उन्हें अपने से दूर कर देते हो तो भगवान आपसे कभी खुश नहीं हो सकता,आप कितनी भी अगर्वत्तिया लगा देना,आप भगवन की कितनी भी पूजा कर लेना,भगवन आपकी कामना पूरा नहीं करेंगे,इसलिए भगवन की पूजा करने से पहले अपने बुजुर्गो की पूजा करना सीखे,उनकी देखभाल करना सीखे फिर भगवन की पूजा करे,भगवन आपको बिना मांगे ही सब कुछ डे देंगे.











Gaurishankar Chaubey


हिन्दू- मुस्लिम -सिक्ख -इसाई
लड़ता -मरता देश
कहाँ तरक्की ले आएगा
ये उजड़ा परिवेश
सब समान! सबका विकास!
ये कैसा झूठाँ नारा?
सत्ता का ये लोभ करेगा कैसे
न्याय हमारा?
ऊँच -नीच,और धर्म -जाति ये
आहत वर्ग -विशेष
कहाँ तरक्की ले आएगा ये
उजड़ा परिवेश
हर टुकड़ा बस अपना सोचे
कहाँ एकता आएगी
स्वार्थ लिप्त हो जाओगे तो
दुनिया लाभ उठाएगी
भ्रष्टाचार सिखाता हमको
असली- नकली वेश
कहाँ तरक्की ले आएगा
ये उजड़ा परिवेश
सोचो अगर एक ना होते
क्या आजादी आती?
सोचो अगर साथ ना चलते
कैसे रीति बदलती?
बीत गई जो बात मूर्खता से
उसको दोहराना
इतनी नफरत पालोगे तो
होगा फिर पछताना
अपना और पराया करते
बढ़ता सिर्फ क्लेश
कहाँ तरक्की ले आएगा
ये उजड़ा परिवेश
एक तरफ सामान्य लड़ेगा
आरक्षण की लड़ाई
एक तरफ कुछ दलित लड़ेगे
हमने लाठी खाई
एक तरफ मुस्लिम बोलेगें
हम नाहक बदनाम
सबके हाथों लट्ठ थमा दो
फिर देखो संग्राम
रक्तपात कर लो आपस मे
दो सबको संदेश
कहाँ तरक्की ले आएगा ये
उजड़ा परिवेश
थोड़ा -थोड़ा खाओ सबको
अपने हक की खाने दो
जो गरीब है कोई भी हो उनको
ऊपर आने दो
ऊँच -नीच और जाति-पाति का
झूठाँ दम्भ मिटाने दो
साथ -साथ लहराओ तिरंगा
सबको हाथ बढ़ाने दो
तभी लगा पाओगे मिलकर तुम
विकास का रेस
कहाँ तरक्की ले आएगा ये उजड़ा
परिवेश

- डॉ.शिवानी सिंह